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 पॉइन्ट ऑफ यस.ओ. ( यस. ओ के बिंदु )


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हेलो दोस्तो आज के इस पोस्ट में हम एस.ओ से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के बारे में चर्चा करेंगे जो कि एक व्यक्ति के लिए जानना काफी जरूरी होता है यह प्रश्न आपके बिजनेस आइडिया को काफी प्रभावित करेंगे तथा आप इन प्रश्नों से काफी कुछ सीखने को पाएंगे । Glaze so class 


दोस्तों इस क्लास को हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल से प्रारंभ करेंगे क्योंकि इसके बिना हमारी बैठने का कोई फायदा यहां नहीं है और यह सवाल मैं आप लोगों से पूछता हु।देखते हैं कि आप में से कौन से लोग इनका जवाब दे पाते हैं


1. आपने ग्लेज बिजनेस क्यों आरंभ किया ( मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि हम में से किसी ने भी इसे शौक के तौर से नहीं किया होगा यस या नो ? )

उत्तर  ( ऑडियंस से ) नहीं


 हां तो आपने ग्लेज बिजनेस क्यों शुरू किया अच्छा पहले आप इस प्रश्न का उत्तर दीजिए ?

उत्तर - बहुत सारा पैसा कमाने के लिए

* नाम कमाने के लिए 

*अनलिमिटेड पैसा के लिए

*अपने सभी सपनों को पूरा करने के लिए हमने यह बिजनेस शुरू किया है।


 प्रश्न - दोस्तों आप में से ज्यादातर लोगों जो भी जवाब दे रहे हैं।वह इस कमरे में बैठे भीड़ को प्रभावित करने के लिए है क्योंकि इनमें से ज्यादातर लोग ने जवाब अभी अभी जो सोचा है। या फिर पड़ोसी का जवाब सुनकर उसे और बेहतर बनाने की कोशिश मात्र की है। 

 

हमें में से अधिक लोगों ने तो अभी अभी इसके बारे में सोचा है यस और नो 

उत्तर  यस


 दोस्तों अगर आप इस लाइफ में कुछ करना चाहते हैं Glaze So class in hindi 2020 और कुछ पाना चाहते हैं तो उसके लिए पहले आपके दिल में कोई मकसद होना चाहिए कि क्योंकि मैं जानता हूं कि अगर मकसद नहीं है तो सक्सेस नहीं है। इसलिए मकसद का होना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आपके दिल में कोई मकसद यह ड्रीम होना ही चाहिए।


जिससे पूरे करने के लिए अपने ग्लेज बिजनेस शुरू किया अगर आपको यह पता ही नहीं कि आपने क्या करने के लिए अपने ग्लेज बिजनेस शुभारंभ किया तो इससे क्या फर्क पड़ता है कि आपको यहां से क्या मिला और क्या नहीं इसे आपको कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए यस या नो ?

उत्तर -  यस सर


और अगर आप यह कुछ सोच कर आए हैं और आपको नहीं मिला , तो आपको फर्क जरूर पढ़ना चाहिए। तो सबसे पहले आपके दिल में कोई सपना होना बहुत ही जरूरी है सपने से मेरे मतलब किसी अनजाने सपने से नहीं है। सपने भी ऐसे होने चाहिए जिसे आप वाकई में पूरा कर सकें और उससे प्यार कर सके।


प्रश्न -  कितने लोग जानते हैं कि प्यार क्या होता है? 


◆ जी हां मैं उसी प्यार की बात कर रहा हूं जो अपनी फिल्मों में हीरो को हीरोइन से करते देखा है। 


◆ वो प्यार जो माँ के दिल में अपनी बच्ची के लिए होता है 


◆मुझे नही पता कि आप में से कितने लोग इससे परिचित हैं लेकिन इतना जरुर जानता हूं कि जब आदमी किसी से प्यार करता है तो वह उसे पाने के लिए दुनिया के किसी भी हद तक गिरने को तैयार हो जाता है । 


किसी से भी लड़ने को तैयार हो जाता है चाहे वह समाज कोई सा भी व्यक्ति क्यों ना हो चाहे वह रिश्तेदार ही क्यों ना हो मित्र हो या कोई भी  वह उसे पाने के लिए सब कुछ करने को तैयार हो जाता है वह किसी भी प्रकार के चैलेंज को एक्सेप्ट कर लेता है। यह इंपोर्टेंट नहीं है कि प्यार किसी लड़की के लिए किया जाए या लड़के के लिए जुनून तो किसी भी चीज का हो सकता है 


जिंदगी में अगर आप कामयाब होने चाहते हैं तो पहले आपके पास अपने सपने होने से इसे आप प्यार करते हो अपने सपनों को पाने के लिए लड़ना होगा यस और नो

 उत्तर यस सर 

 

अब आप लोग सोच रहे होंगे कि अपने सपनों से प्यार कैसे किया जाता है चलिए मैं आपको सपनों से प्यार करना भी सिखाता हूं।


 यहां पर जितने भी लोग हैं वह शायद कुछ सच्चे सपने अपने साथ जरूर रखते हैं जैसे लोग जवान हैं उनके सपने होंगे बड़ी-बड़ी गाड़ियां बड़े-बड़े घर रेस्टोरेंट में खाना पार्टी डिस्को फुल एंजॉयमेंट यस और नो 

मिडिल यज में जो लोग होंगे उनके सपने उनकी बीवी और बच्चों से जुड़े  सपने होंगे 

वृद्ध व्यक्ति जो कि बूढ़े हो चुके हैं इस कंपनी में सोशल ड्रीम लेकर आए होंगे दोस्तों सपने चाहे जैसे भी हो उसके लिए अपने मन से प्यार होना चाहिए कि मैं इसे हासिल कर लूंगा

अपने सपनों से प्यार करते कैसे हैं मैं आपको एक उदाहरण से समझाने की कोशिश करता हूं  बहुत से लोग हैं जिनका का सपना एक कार खरीदने का हो सकता है प्लीज हाथ ऊपर करें


 प्रश्न जी आप बताइए क्या आप कार खरीदना चाहते हैं 

उत्तर जी हां


प्रश्न- क्या नाम है आपका 

उत्तर- सुधीर


प्रश्न- कौन सी कार खरीदना चाहते हैं आप 

उत्तर - जी सेंट्रो


 प्रश्न - आपको मालूम है कि सेंट्रो कितने की आती है 

उत्तर - जी तीन चार लाख की आती है।


 प्रश्न - क्या आपको सही मूल्य नहीं मालूम

 उत्तर - जी नहीं

 यही दिक्कत है अगर आपको इस सपने से प्यार होता तो आपको इसके कार के बारे में सब कुछ पता होता कि सेंट्रो का कौन सा मॉडल है उसका रंग क्या-क्या है आपको सेंट्रो के सीट कवर किस रंग के हैं उसमें क्या-क्या अच्छी लगी होती है उस सैंटरो की फोटो आपके इर्द-गिर्द हर उस जगह पर मौजूद थी 


जहां आप मौजूद है जैसे आप बेडरूम जहां सुबह उठते हैं सामने ही की दीवार पर आपको अपने सेंट्रो को नजर  आती हो आप का बाथरूम ड्राइंग रूम आपका ऑफिस यानी आपको उठते बैठते खाते पीते सोते जागते काम करते वक्त हर समय ही आपको सेंट्रो के बारे में ही सोचना है। 

यहां तक कि आपको अपने पर्स में भी सैंटरो फोटो रखनी चाहिए ताकि जब भी आपका दिल करे आप इसे देख सकें।

 

 दोस्तों सिर्फ सपना होना ही काफी नहीं होता है सपना होने के साथ-साथ उस सपने को पूरा करने के लिए एक टाइम लिमिट भी होना काफी जरूरी होता है क्योंकि यदि आप एक टारगेटेड समय के साथ उस चीज को नहीं पूरा कर लेते हैं तो वह आपके लिए सफलता नहीं माना जा सकता है 


मिस्टर सुधीर आप यह कार कितने वक्त में खरीदना चाहते हैं

 उत्तर- जी 1 साल के अंदर अंदर 

 

तो मिस्टर सुधीर आपको अपनी सेंट्रो के फोटो के नीचे उसकी कीमत और वक्त दोनों लिखने हैं so class मैं यकीन के साथ कह सकता हूं कि आप में से बहुत लोग होंगे जो ऐसा करेंगे लेकिन जो ऐसा करेंगे वह निश्चित रूप से सैंटरो के मालिक ही बनेंगे


 अब यहां से शुरुआत होती है आगे की कहानी आपको चार लाख की सेंड करो 1 साल में चाहिए और रास्ता क्या है ग्लेज... 

 

दोस्तों आज यह समझना बहुत जरूरी है कि हमारे हाथ में है क्या आप सब ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए ग्लेज को चुना है।


 आज इस क्लास में हम यह डिस्कस करेंगे कि अमीर बनने के लिए एक आदमी को कौन-कौन से रास्ता अपनाना चाहिए । या अमीर बनने का राज क्या होता है क्या वास्तव में जो रास्ता है जिस पर चल कर हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। ग्लेज का फ्यूचर क्या है।

 

 ग्लेज के साथ चलकर हम कहां पहुंचेंगे आज इस क्लास में हम इन सब बातों को बहुत ही बारीकी और ध्यान से देखेंगे साथ में अपनी कंपनी से रिलेटेड प्लान पर भी काफी चर्चा करेंगे जो कि जानना बहुत ही जरूरी है तो आप तैयार हैं ।

उत्तर - जी हां 

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अगर आप सड़क पर निकले तो आपको चार तरह के लोग मिलेंगे रिक्शे वाले स्कूटर वाले मारुति वाले और मर्सिडीज वाले


 मेरा प्रश्न है कि आप लोगों को इनमें  क्या फर्क  दिखता है इन चारों लोगों में क्यों यह चारों अलग-अलग स्टेज पर है चारों के पास भी वही तो दो हाथ दो पांव और दो आंखें हैं लेकिन इन लोगों अलग-अलग स्टेज पर है।

 

 दोस्तों सफल होने का एक फार्मूला होता है जिसे हम कहते हैं ।

 राइट एक्शन एट-      लिवरेज इनकम 

 राइट टाइम इन -        शुरुआत या एफ एफ के दौर में 

 राइट डायरेक्शन -      एजुकेशन 

  राइट एनर्जी -            टीम वर्क


 राइट एक्शन क्या है लिवरेज इनकम लिवरेज इनकम के बारे में तो आप में से ज्यादातर लोग सुने ही होंगे वह आपने सेमिनार में भी समझा होगा ।


और देखा होगा पर मैं फिर भी आपको इसे एक और बार समझाने की कोशिश करता हूं क्योंकि यह पाठ हमारे बिजनेस का एक महत्वपूर्ण भाग राइट टाइम लेवरेज इनकम में तो जाना है 


पर किसी तरह से लिवरेज इनकम में जाना है हम ऐसे बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जो शायद पहले से ही लिवरेज इनकम में हूं यानी कि वह शायद कोई फैक्टर कारखाना या कोई बिजनेस चला रहे हो 


 यहां बहुत सारे लोग उनके नीचे काम कर रहे हो लेकिन फिर भी उनकी आमदनी अच्छी नहीं है और उनके पीछे सिर्फ एक ही रीजन होता है वह है राइट टाइम 


यह काफी इंपोर्टेंट होता है राइट टाइम क्या होता है देखिए दोस्तों हर बिजनेस के तीन फेस होते हैं पहला इनिशियल फेज यानी शुरुआती दूसरा पेज ऑफ फेम यानी प्रसिद्धि का दौरा और तीसरा पेज आफ कंपटीशन मतलब प्रतियोगिता का दौर शुरुआती दौर प्रसिद्धि का दौर प्रतियोगिता का दौर इसको समझना काफी आसान है 


चलिए इसको मैं एक उदाहरण के तौर पर आपको समझाता हूं भारत में कंप्यूटर का आगमन 70 के दशक में हुआ था लेकिन हर नई चीज की तरह इसको भी विरोध और आलोचना मिल रहे थे उस समय कंप्यूटर के बारे में या अवधारणा दी गई थी कि कंप्यूटर 100 आदमी का काम अकेले कर सकता है भारत पहले से ही बेरोजगार की समस्या से जूझ रहा था।


 लोगों ने बोला शुरू कर दिया कि कंप्यूटर आने से बेरोजगारी बढ़ेगी इस गलत अवधारणा के चलते कंप्यूटर को लगभग 10 साल विरोध और आलोचना सहनी पड़ी शुरू में 80 के दशक में जिन कंप्यूटर ने इंडस्ट्री में हाथ डाला हुए भी कोशिश 80 का दशक इस इंडस्ट्री के लिए शुरुआती दौर था जो लोग शुरुआती दौर से जुड़े थे।

 

जिनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां हैं यहां तक कि देश में कई ऑफिस मौजूद हैं और साथ ही साथ इनके पास अपने परिवेट जेड प्लान तक है ।


इन लोगों के साथ धीरे धीरे जिन लोगों ने इस इंडस्ट्री को पकड़ा वो प्लेन तो नही ले पाए परन्तु अमीर और गाड़ी बगलें वाले तो हो ही गये। लेकिन आप तो जानते हैं अगर पड़ोस के घर में वर्मा जी का लड़का नोकरी करता है और घर में नई गाड़ी और पैसे आ गए तो शर्मा जी के पेट में अपने आप ही दर्द शुरू हो जाएगा वह भी अपने लड़के को इसी में जाने के लिए  बोलेंगे

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 सन 2000 के आते-आते लोग की लाइव स्टार बदलते देखया इंटरसिटी इतने  लोगों की भीड़ चाल शुरू हो गई और यह अपने कंपटीशन फेस में पहुंच गए इस फेस में जो लोग जुड़े हैं वह स्कूट जैसी सुविधाएं ही पा सके।

 


 पर बात ध्यान से समझे काम वही कंप्यूटर इंडस्ट्री  का है लेकिन उसके पकड़ने का वक्त अलग अलग था यानी कि राइट एक्शन के साथ राइट टाइम भी होना जरूरी होता है 

 

तो किसी भी बिजनेस को पकड़ने का सही समय तो शुरुआती दौर होता है या फिर प्रसिद्धि का दौर होता है परंतु राइट एक्सेल क्या है लिवरेज इनकम राइट टाइम क्या है शुरुआती दौर प्रसिद्धि का दौर 


प्रश्न-  अच्छा हममें से कितने लोग शुरुआती दौर में काम करना चाहेंगे हाथ उठाइए

 उत्तर-  में सबके हाथ खड़े हो जाएंगे 

 

मुझे मालूम था आप सबके हाथ खड़े हो जाएंगे लेकिन दोस्तों इस फेस में काम करना आसान नहीं होता ज्यादातर लोग इस फेस में काम करते वक्त भाग खड़े होते हैं।


क्योंकि इस फेस में 


  • लोग आपके साथ नहीं होते हैं
  • आपका कोई सिखाने वाला नहीं होता
  • हालत आपके अनुकूल नहीं होते
  • आपको अपने आपको साबित करना होता है।
  • लोग की विरोध और आलोचनाओं को सहना पड़ता है।


जरा सोचिए क्या 80 के दशक में कंप्यूटर बेचना आसान रहा होगा अगर मैं उस समय आपके पास इस मशीन को लाता जिसमें एक टीवी और बहुत सारे बटन लगे होते हैं जिन्हें दबाने से नहीं मालूम की स्क्रीन पर क्या आएगा और मैं आपको बोलूं की इसे  खरीदना लीजिए जो ₹100000 का है तो क्या आप खरीदते शायद नहीं अगर मुझे वह आपको बेचना है।


 तो मुझे आपको याद कराना पड़ेगा कि यह आपको लाखों का फायदा कराए गए इसके लिए मुझे आपको पहले कंप्यूटर सिखाना पड़ेगा उसकी ट्रेनिंग भी देनी पड़ेगी

 

जरा सोचिए ऐसे कई लोगों की ट्रेनिंग दी गई होगी जिनमें से कुछ अलग हुआ होगा कि कंप्यूटर उनके काम का है इसी तरीके से चार से 8 से 16 से 32 लोगों में शुरू हुए लोगों को जोड़ना आसान नहीं होता था ।


चलिए मैं आपको टाटा की कहानी सुनाता हू।

आजादी से पहले हमारे देश में कोयले के ट्रक चलते थे उन्हीं दिनों भारत में टाटा कंपनी की मर्सिडीज के साथ डील हुई।

 और उन्होंने भारत का पहला डीजल ट्रक निकाला लेकिन डीजल के ट्रक के ग्राहक जुटाना बहुत बड़ी चुनौती थी।

कोई भी ट्रक को लेने के लिए तैयार नहीं था

ट्रांसपोर्टरुओ के दिल मे  तरह-तरह के सवाल थे।

 

1. पहले कोई नई चीज है पता नहीं कैसे निकलती है.

2.  पेट्रोल पंप नहीं थे इसलिए लोग सोच रहे थे कि इस ट्रक का ईधन आसानी से  नही मिलेगा  

3. इसके मैकेनिक भी नहीं मालूम कहां से मिलेगा

 

उस  समय गिनी चुनी ट्रांसपोर्ट कंपनियां होती थी उस समय भारत की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम था मीलत्कुम्बरी ट्रांसपोर्ट थी।


 टाटा ने बड़ी मुश्किल से कुछ शर्तों पर अपना ट्रक बड़ी ट्रांसपोर्ट को बेचा और पहला शर्त की  ट्रक उनको बिल्कुल मुफ्त दी जाएगी 

 

और उनके पैसे वह धीरे-धीरे किस्तो में वापस करेगा


 लेकिन वह भी तब जब उन्हें यह ट्रक पसंद आएगा वरना तो उस ट्रक को वापस कर देंगे।

 

 उनकी दूसरी शर्त थी कि जहां कहीं भी डीजल की शुरू जरूरत होगी टाटा कंपनी खुद वहां डीजल पहुंच जाएगा इसके लिए उन्होंने शुरुआत में मोबाइल पेट्रोल पंप बनाया  

 


क्या आप समझ सकते हैं कि शुरुआत में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा।

 उसे वह ट्रक  बहुत अच्छा लगा उसके बाद टाटा दूसरा ट्रक फिर से 4 से 6 से 12 से 18 सन 1950 तक के आते-आते इन ट्रकों की डिमांड बढ़ गई कि लोगों को पांच 5 साल तक का नंबर नहीं मिलता था ।

 

शुरुआती दौर में काम करना आसान नहीं होता दोस्तों

लोग दो तरह के लोग होते हैं एक वह जो संचालन करते हैं और दूसरे वो जो फॉलो करते हैं हमेशा संचालन करने वाले लोग होते हैं और खुद ही फैसले लेने होते हैं 


आपको कोई गाइड करने वाला भी नहीं होता है आज की तारीख में अगर कोई रेस्टोरेंट खोलते है तो आपको बहुत सारे लोग मिल जाएंगे क्या आपको खाना बनाना सिखाएंगे और रेस्टोरेंट चलाना भी सिखाएंगे 


लेकिन शुरुआती दौर में यह ट्रेनिंग सेंटर भी खुद ही खोलने पढ़ते हैं शुरुआती दौर में आपको बहुत सारा विरोध और आलोचना सहना पड़ता है क्योंकि आप लोगों के सामने कुछ नए कर रहे होते हैं इसलिए लोग आपके असफल होने का इंतजार कर रहे होते है।


 तो यह है कि शुरुआती दौर में आप को दिक्कतों का सामना करना ही होगा आप में से कितने लोग हैं जिन्हें अगर मौका मिले तो वह शुरुआत दौर की इन चुनौतियों का सामना करने को तैयार है ? ( सबके हाथ खड़े हो जाते हैं )

 

हमारे देश में लगभग 85% लोग नाकामयाब है। और 15 %  लोगों कामयाब और इन 15% के पास वक्त नहीं है।


क्या आपने कभी मर्सिडीज से किसी अमीर को उतरते हुए देखा है जो आपके पास आकर चौराहे पर खड़ा हो जाए और सिगरेट पीते हुए देश की समस्या पर चर्चा करेकी यार अपने देश का हाल ही बुरा है यह सड़के टूटी हुई है बिजली यहाँ आती नही ये कोई देश है भला ऊपर से लेकर नीचे तक सारे चोर है।

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 क्योंकि इन सब फिजूल बातों करने के लिए उनके पास समय नहीं है यह सब बातें करने के लिए 85% लोग मिल जाएंगे। यह 85% लोग चारों तरफ नेगेटिविटी पर ही चर्चा करते रहते हैं.

 

यह लोग हमेशा समस्याओं पर बात करते हैं इनके पास कोई समाधान नहीं होता है हम लोगों की समस्या यह है कि हम इन्हीं पचासी परसेंट लोगों में से उठ कर आते हैं।


 लेकिन जब आप इस भीड़ में से ऊपर उठकर जाना चाहोगे  तब आपको  एक ऐसा रास्ता चुनना होगा जो इन लोगों का रास्ता नहीं है क्योंकि इनका कोई भी रास्ता कामयाबी की ओर  जाता तो यह सारे के सारे लोग कामयाब होते ।

 

तो जब आप ऐसे रास्तों पर चलेंगे तो उनका रास्ता नहीं होगा वह आपको पूछेंगे आपके बोलेंगे कि आप गलत जा रहे हैं पर अजीब बात तो यह है कि हम इन्हीं लोगों के पास सलाह लेने जाते हैं।


 मुझे एक बात समझ में नहीं आती कि आप उन लोगों  से कैसे मांग सकते हैं जो उनके पास है ही नहीं अगर मेरे पास ₹100 है तो आप मुझसे ₹200 मांगे तो मैं आपको ₹200 कैसे दे सकता हूं

 

 हम भी यही करते हैं अगर हमे डॉक्टर बनना है तो हम हलवाई से ज्यादा पूछने लग जाते हैं आपको क्या लगता है कि आपको क्या जवाब दे सकता है वह यही कहेगा कि बेटा डॉक्टरी में क्या रखा है हमारा काम तो बहुत बढ़िया चल रहा है मिठाई बना रहे हैं । कोई बीमार थोड़ी न होता  

 शुरुआती दौर में काम करना आसान नहीं होता आपको लोगों से लड़ना पड़ता है।

 

  प्रश्न अब एक बात बताइए शुरुआती दौर की पहचान क्या होती है 

उत्तर  पारंभ  दौर की पहचान तब होती है जब याद कर लो किसी चीज के खिलाफ हूं


 प्रश्न- एक और चीज में पूछना चाहूंगा कि आपको कैसे पता लगे कि आप कामयाबी की  तरफ जा रहे हैं 

उत्तर जब आपको रिजेक्शन मिलने शुरू हो जाएगी।

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 जब आप कोई काम कर रहे होंगे और आपके इस काम के लिए सबसे ज्यादा विरोध और आलोचना मिले तो आप समझ जाओ कि आप सफलता की ओर जा रहे हैं।

 

 तो मैं आपको आप सब को बता देता हूं कि ईश्वर ने आपको वह मौका दे दिया क्योंकि आप ग्लेज के साथ नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत दौर में है हमारी कंपनी में अभी तक कितने लोग शामिल हो चुके हैं कम से कम 1800000 लोग क्या लगता है आपको और कितने लोग हमारे साथ बिजनेस करें नेटवर्क मार्केटिंग का भविष्य ग्लेज बिजनेस को मैं आपको दोस्ती में समझा सकता हूं

 

 पहले हमें डिजिटल नेटवर्क फैलाना है एवं दूसरे स्टेट में हमें उस नेटवर्क के द्वारा प्रोडक्ट की रिटेलिंग करनी है ।

 

नेटवर्क का विकास - 


हमें अपना नेटवर्क पहले दिल्ली में फिर दूसरे शहरों में राज्यों में घूम पूरे भारत में इसी तरह फैलाना है धीरे-धीरे और ऐसे करने में हमें कोई कई साल लग जाएंगे।


 और आप को समझाने की कोशिश करता हूं कि किस तरह नेटवर्क मार्केट नेशनल मार्केटिंग का प्लान को रिप्लेस करेगी 

 

देखिए दोस्तों लक्ष्य यह है कि प्रोडक्ट बेचना है और वहां भी मगज तरीका थोड़ा सा अलग है ट्रेडिशनल मार्केटिंग में भी प्रोडक्ट को मूव करने के लिए एक नेटवर्क की जरूरत होती है।


 जो कि पहले ही डिवेलप हो चुका है। इसी के दौर वह अपना प्रोडक्ट बेच रहे हैं ।अगर नेटवर्क मार्केटिंग में हमें नेटवर्क अभी डिवेलप करना है।

 

 दोस्त अगर हमारे यहां 10 गेस्ट आते हैं तो उसमें से कम से कम 2 लोग अपनी होम शॉप खोल कर ग्लेज बिजनेस शुरू करते हैं यह बात तो आप सभी जानते हैं कि हमारे देश की संख्या एक अरब से भी ज्यादा है यानी लगभग 125 करोड़ से भी ज्यादा इस हिसाब से देखें तो 125 करोड़ लोग तो कंफर्म ग्लेज बिजनेस शुरू करेंगे।

 

 यस और नो अभी कंपनी में पिछले 12 सालों में लगभग 1800000 लोग विजय एंड डिस्ट्रीब्यूटर बने हैं यानी कि 25 करोड़ 20 लाख लोग अभी अपना इंतजार कर रहे हैं 

 

अभी तो हमने सिर्फ एक लाइन खींची है। कि है अभी तो हमने बेस बनाना है और उस पर एक बहुत बड़ी बिल्डिंग खड़ी करनी है।


 क्या लगता है इतने लोगों को बिजनेस शुरू करने में कितना वक्त लगेगा कम से कम 50 साल लगेंगे और इतने वक्त में नई पीढ़ी तैयार हो जाती हैं। इसलिए इस बिज़नेस में कभी कोई अंतिम बिंदु नहीं आता उसमें से भी बिजनेस शुरू यानी कि 120 करोड़ 25 करोड़ लोग यह  फ़िकर अच्छी है या खराब है ..

 

कि है इसमें ज्यादा तुम्हें चाहता भी नहीं क्योंकि इसे हमें कुछ ऐसे ही लोग चाहिए जो बाहर हमारी सेवा करें पुल बनाने वाले बनाने वाले आटा चक्की वाले लोग भी चाहिए और दोस्तों आप सबके सामने यह 25 25 करोड़ लोगों का एक की एक पीस है।


आपको आज का किया हुआ काम तय करेगा कि इसमें से आपको नेटवर्क में कितना हिस्सा आएगा लेकिन इससे पहले 

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मैं आपसे एक प्रश्न पूछ लूंगा प्रश्न लोग बाहर कहते हैं कि मेंबर बनने का बिजनेस है कितने लोग मानते हैं कि हम मेंबर बनाते हैं।


 ईमानदारी से कृपा हाथ खड़े करें

उत्तर नहीं 


हम मेंबर नहीं बनाते हैं अगर हम मेंबर नहीं बनाते तो हम क्या करते हैं हम लोग मेंबर नहीं बन रहे हम नेटवर्क बना रहे हैं 


प्रश्न  कौन बताएगा कि नेटवर्क का क्या मतलब होता है?

उत्तर- बहुत सारे स्पष्ट जवाब आते हैं नेटवर्क वो होता है जिनके द्वारा प्रोडक्ट मूव किया जा सके दुनिया में जितनी भी अच्छी कंपनी है वह अपने नेटवर्क की वजह से पहचानी जाती हैं।


 यदि वह अपने नेटवर्क का प्रचार-प्रसार ना करती तो उनका पहचान आज नहीं किया जा सकता था ।

 

वह तो कभी तरक्की नहीं कर सकते थे

  

 पहले मैं आपको यही एक प्रोडक्ट क उदाहरण से नेटवर्क को समझाने की कोशिश करता हूं 

 

प्रश्न आप आखरी में क्या नाम है आपका 

उत्तर जी सुभाष 


दोस्त मेरे हाथ में यह पैन है अगर मैं यह पैन यहां से सुभाष के पास पहुंचना चाहता हूं तो वह यहां से बिना हिले दुले तो उसके लिए मुझे क्या करना पड़ेगा 


चलिए मैं आपको एक तरीका दिखाता हूं वो वहाँ पेन पहली लाइन में बैठे एक आदमी को दे दिया उन्होंने इस अगले आदमी को दे दिया उन्होंने इससे अगले को ऐसे करते करते वह पेन सुभाष तक पहुंच गया।


क्यों दोस्त क्या देखा आपने इसे कहते हैं पावर आफ नेटवर्किंग इस कमरे में सभी लोग एक नेटवर्क ही तो है हमने इस कमरे में बैठे हुए इस नेटवर्क को मल्टीप्लाई करते-करते देश के कोने-कोने तक पहुंचाना है और फिर उसके बाद उसके द्वारा बहुत सारे प्रोडक्ट भी ठीक वैसे ही मूव करते जैसे कि यह पेन यहां से उस तक पहुंचा ।

  

दो तो दुनिया में कोई भी प्रोडक्ट बिना नेटवर्क नहीं कर सकता मार्केटिंग प्लान में भी एक नेटवर्क बिछा हुआ


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